Shoreline Erosion (H)
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार भारतीय तटरेखा का लगभग 33.6 प्रतिशत भाग सक्रिय क्षरण के प्रभाव में है । पिछले करीब दो दशक से तटीय क्षरण की निगरानी कर रहे एनसीसीआर ने 1990 से 2018 तक के अध्ययन के आधार पर जोखिम वाले तटों की पहचान की है । जिसके आधार पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तटीय राज्यों को तट संरक्षण के उपाय लागू करने में मदद कर रहा है ।