Glaciers Are Melting Rapidly (H)
ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के चलते तेज़ी से पिघल रहे ग्लेशियर्स पूरी दुनिया के लिए चिता का विषय हैं । भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और अंतरिक्ष विभाग के अधीन विभिन्न वैज्ञानिक और शैक्षणिक संस्थान भारतीय हिमालय क्षेत्र के ग्लेशियरों का अध्ययन और निगरानी कर रहे हैं । इसमें ग्लेशियर संबंधित आंकड़े जमा करना और उनके द्रव्यमान में आ रहे बदलावों की सूचना देना शामिल है । केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा सत्र में दी गई जानकारी के मुताबिक़ हिंदु कुश हिमालयी ग्लेशियरों की औसत सिकुड़ने की दर14.9 ± 15.1 मीटर प्रति वर्ष है, जो इंडस नदी घाटी में 12.7 ± 13.2 मीटर प्रति वर्ष, गंगा में 15.5 ± 14.4 मीटर प्रति वर्ष और ब्रह्मपुत्र में 20.2 ± 19.7 मीटर प्रति वर्ष बदलती रहती है।
